Siddhivinayak Temple Mahemdabad Gujarat : महेमदाबाद सिद्धिविनायक गणेश मंदिर, इतिहास, महत्व और गणपति बप्पा के दिव्य दर्शन

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Siddhivinayak Temple Mahemdabad Gujarat : गणेश जी को भक्त अनेक नामों से पुकारते हैं .विघ्नहर्ता, गणपति, लंबोदर, लेकिन उनमें सबसे सिद्ध नाम सिद्धिविनायक माना जाता है। गजानन गणपति के इस स्वरूप की पूरे भारत में विशेष मान्यता है। मुंबई का गजानन गणपति का धाम सिद्धिविनायक मंदिर विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन गुजरात का महेमदाबाद का सिद्धिविनायक मंदिर भी भक्तों की आस्था का एक बड़ा केंद्र है।

Siddhivinayak Temple Mahemdabad Gujarat


सिद्धिविनायक मंदिर महेमदाबाद का महत्व

गणेश जी को प्रथम पूजनीय देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन से ही होती है। इसलिए भक्त गणेश जी के विभिन्न मंदिरों में जाकर अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करते हैं। महेमदाबाद का यह सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई के मंदिर की तरह ही श्रद्धा का प्रतीक है। इस मंदिर का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया कि भक्तों को दूर मुंबई न जाना पड़े और गुजरात में ही उन्हें बप्पा के दर्शन मिल सकें।


मंदिर की अनोखी बनावट

महेमदाबाद का गणेश मंदिर अपने विशिष्ट वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर को इस प्रकार बनाया गया है कि इसकी बाहरी संरचना देखते ही इसमें गणेश जी की आकृति का आभास होता है। मंदिर के बाहर ही गणेश जी के वाहन मूषक की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। मंदिर का निर्माण एक गुफा के आकार में किया गया है, जिससे भक्त यहां आकर अद्भुत शांति और भक्ति का अनुभव करते हैं।

महेमदाबाद सिद्धिविनायक गणेश मंदिर


डाहीबा की प्रेरणा और मुख्य मूर्ति

मंदिर के अंदर प्रवेश करते ही सबसे पहले पूज्य डाहीबा की प्रेरणा मूर्ति दिखाई देती है। इन्हीं की इच्छा से इस मंदिर का निर्माण संभव हुआ। आगे बढ़ने पर भक्तों को गणेश जी की दिव्य प्रतिमा के दर्शन होते हैं। बप्पा की मूर्ति इतनी तेजस्वी है कि भक्त उनके सामने खड़े होकर अपनी सारी चिंताएं भूल जाते हैं। यहां छोटी गणेश जी की प्रतिमा भी है और उसके पीछे मुख्य विशाल प्रतिमा स्थापित है। विशेष अवसरों पर गणेश जी का छत्र ड्रायफ्रूट्स से सजाया जाता है। इसमें काजू, बादाम, अखरोट, किशमिश और मूंगफली जैसे मेवों का उपयोग होता है, जो इस मंदिर की खास पहचान है।


मंदिर में भक्ति और आयोजन

इस सिद्धिविनायक मंदिर में रोजाना हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भजन मंडलियां भी यहां आकर भक्ति में लीन हो जाती हैं। गणेश जी को उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग भी अर्पित किया जाता है। मंदिर में विभिन्न देशों से लाई गई गणेश जी की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। इनमें अफगानिस्तान (काबुल), इंडोनेशिया (जावा), थाईलैंड, नेपाल, चीन, कंबोडिया, बांग्लादेश (ढाका) और श्रीलंका के गणपति स्वरूप शामिल हैं। इसके अलावा यहां रुद्राक्ष से बनी महादेव की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जो अद्वितीय आकर्षण का केंद्र है।


सिद्धिविनायक गणेश का आशीर्वाद

भक्त मानते हैं कि महेमदाबाद के इस सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने से गजानन गणपति सभी दुखों को हर लेते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। यहां आकर भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करते हैं और यह अनुभव करते हैं कि गणेश जी सचमुच विघ्नहर्ता हैं।


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