Banks Hikes MCLR : लोन लेना हुआ महंगा | कोटक महिंद्रा और फेडरल बैंक ने कस्टमर्स को दिया झटका!

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Banks Hikes MCLR

Banks Hikes MCLR: देश में बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए Reserve Bank of India लगातार अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहा है। इसका सीधा असर बैंकों के डिपॉजिट रेट और लोन रेट पर पड़ रहा है।


रेपो रेट में बढ़ोतरी के कारण अब कई बैंक अपने MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) में इजाफा कर रहे हैं। इसी क्रम में देश के दो बड़े निजी बैंक Kotak Mahindra Bank और Federal Bank ने भी अपनी MCLR दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।


इसका असर सीधे तौर पर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों की EMI पर पड़ेगा, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।


MCLR Rate Hike


क्या है MCLR? | What is MCLR

MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को लोन देते हैं। जब भी बैंक MCLR दर बढ़ाते हैं, तो इसका सीधा असर ग्राहकों को मिलने वाले लोन की ब्याज दरों पर पड़ता है।

दरअसल, Reserve Bank of India ने इस साल कई बार Repo Rate में बढ़ोतरी की है। 30 सितंबर को लगातार चौथी बार रेपो रेट बढ़ाया गया, जिसके बाद यह 4.00% से बढ़कर 5.90% तक पहुंच गया है।

रेपो रेट में वृद्धि होने पर बैंकों के लिए पैसे उधार लेना महंगा हो जाता है, इसलिए बैंक भी अपने ग्राहकों के लिए लोन की ब्याज दरें बढ़ा देते हैं। 


Kotak Mahindra Bank की नई MCLR दरें

Kotak Mahindra Bank ने अलग-अलग अवधि के लिए MCLR दरों में बढ़ोतरी की है। बैंक अब 7.70% से 8.95% तक MCLR ऑफर कर रहा है। नई दरें 16 अक्टूबर 2022 से लागू हो चुकी हैं।

नई MCLR दरें इस प्रकार हैं:

  • ओवरनाइट MCLR – 7.70%

  • 1 महीने का MCLR – 7.95%

  • 3 महीने का MCLR – 8.05%

  • 6 महीने का MCLR – 8.30%

  • 1 साल का MCLR – 8.45%

  • 2 साल का MCLR – 8.75%

  • 3 साल का MCLR – 8.95%

ज्यादातर ग्राहक अपने लोन को 1 साल के MCLR से लिंक कराते हैं, इसलिए ब्याज दर बढ़ने से उनकी मासिक EMI बढ़ सकती है।


Federal Bank ने भी बढ़ाई MCLR दरें

Federal Bank ने भी अपनी MCLR दरों में बढ़ोतरी की है और नई दरें 16 अक्टूबर 2022 से लागू हो गई हैं।

बैंक की नई MCLR दरें इस प्रकार हैं:

  • ओवरनाइट MCLR – 8.45%

  • 2 महीने का MCLR – 8.50%

  • 3 महीने का MCLR – 8.55%

  • 6 महीने का MCLR – 8.65%

  • 1 साल का MCLR – 8.70%

इन नई दरों के लागू होने के बाद होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों को अब ज्यादा ब्याज दर चुकानी पड़ेगी।


ग्राहकों पर बढ़ेगा EMI का बोझ

MCLR दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर ग्राहकों की मासिक EMI पर पड़ेगा। खासकर उन लोगों पर ज्यादा असर पड़ेगा जिनके लोन फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर आने वाले समय में महंगाई कम नहीं होती है, तो Reserve Bank of India आगे भी ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है, जिससे लोन और महंगे हो सकते हैं।

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