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| Meesho Share Price News |
मुंबई, 7 मईः Meesho के शेयरों में मार्च 2026 तिमाही के शानदार नतीजों के बाद 7% का उछाल देखा गया। रेवेन्यू में 47% की बढ़त और घाटे में कमी ने निवेशकों को उत्साहित किया है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म HSBC के नए टारगेट प्राइस ने एक 'अलर्ट सिग्नल' दे दिया है। जानिए क्या है पूरी खबर और क्या आपको इस लेवल पर निवेश करना चाहिए?
भारतीय शेयर बाजार में आज ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी मीशो (Meesho) के शेयरों ने जबरदस्त हलचल मचाई। मार्च 2026 तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में खरीदारी की ऐसी होड़ मची कि भाव 7% से ज्यादा उछल गया। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह रही कि कंपनी का रेवेन्यू उम्मीद से कहीं ज्यादा रफ्तार से बढ़ा है और घाटे में भी बड़ी रिकवरी देखने को मिली है।
हालांकि, इस जश्न के बीच एक ‘अलर्ट सिग्नल' भी सामने आया है। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म ने शेयर के लिए जो टारगेट प्राइस सेट किया है, वह इसके मौजूदा भाव से काफी कम है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर मीशो के नतीजों में ऐसा क्या है जिसने बाजार को चौंका दिया और ब्रोकरेज की चेतावनी के पीछे की असली वजह क्या है।
मार्च तिमाही के नतीजे: रेवेन्यू में 47% का 'पावरफुल' जंप
मीशो के लिए मार्च 2026 की तिमाही टर्निंग पॉइंट साबित हुई है। कंपनी ने ऑपरेशनल रेवेन्यू के मामले में सबको हैरान कर दिया है। सालाना आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 47.1% की भारी बढ़त के साथ ₹3,531.2 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में यह एक बड़ी छलांग है, जो दिखाती है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में मीशो की पकड़ मजबूत हो रही है।
इतना ही नहीं, कंपनी ने अपने नेट लॉस (शुद्ध घाटे) को कम करने में भी सफलता हासिल की है। जहां पिछले साल मार्च तिमाही में कंपनी को ₹1391 करोड़ का भारी-भरकम घाटा हुआ था, वहीं इस साल यह घटकर महज ₹166.3 करोड़ रह गया है। हालांकि, यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि पिछले साल के घाटे में ₹1285 करोड़ का एक 'एक्सेप्शनल लॉस' (असाधारण नुकसान) शामिल था। अगर उसे हटाकर देखें, तो कंपनी की परफॉर्मेंस में सुधार तो है, लेकिन ऑपरेशनल लेवल पर अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं।
शेयर बाजार में आज का हाल: ₹211 के पार पहुंचा भाव
धमाकेदार नतीजों का असर आज सुबह से ही मीशो के शेयरों पर दिखना शुरू हो गया था। बीएसई (BSE) पर कंपनी के शेयर 7.56% की तेजी के साथ ₹211.35 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गए। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखी गई और फिलहाल यह शेयर 2.57% की बढ़त के साथ ₹201.55 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि मीशो के रेवेन्यू ग्रोथ ने निवेशकों का भरोसा जीता है। खासतौर पर जिस तरह से कंपनी ने अपने विज्ञापन और लॉजिस्टिक्स खर्चों को मैनेज किया है, उससे आने वाले समय में प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
मार्जिन और कैश फ्लो: कुछ अच्छे तो कुछ चिंताजनक संकेत
नतीजों के अंदरूनी आंकड़ों पर गौर करें तो कुछ मिले-जुले संकेत मिलते हैं:
- कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन: मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 4% रहा। अगर हम पिछली तिमाहियों से तुलना करें, तो यह दिसंबर 2025 में 2.3% और सितंबर 2025 में 3.3% था। यानी मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जो कंपनी की सेहत के लिए अच्छा है।
- फ्री कैश फ्लो: यहां आंकड़ों ने थोड़ा निराश किया है। पिछले 12 महीनों का फ्री कैश फ्लो ₹591 करोड़ (पॉजिटिव) से गिरकर (-) ₹633 करोड़ (नेगेटिव) पर आ गया है। इसका मतलब है कि कंपनी अभी भी अपने ऑपरेशंस को चलाने के लिए काफी ज्यादा नकदी खर्च कर रही है।
- ऑपरेटिंग लॉस: ऑपरेटिंग स्तर पर घाटा थोड़ा बढ़ा है। पिछले साल के ₹230.8 करोड़ के मुकाबले यह बढ़कर ₹254.72 करोड़ हो गया है।
HSBC की रिपोर्ट: क्यों दिया ‘अलर्ट सिग्नल'?
अब बात करते हैं उस 'अलर्ट' की जिसने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी (HSBC) ने मीशो के शेयरों पर अपनी 'होल्ड' (Hold) रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस को ₹160 से बढ़ाकर ₹185 कर दिया है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि यह नया टारगेट भी शेयर के मौजूदा भाव (₹201+) से लगभग 8% नीचे है।
HSBC का तर्क क्या है?
ब्रोकरेज का कहना है कि मीशो के नतीजे शानदार रहे हैं और मार्जिन में रिकवरी उम्मीद से बेहतर है। कंपनी के प्रीपेड ऑर्डर्स बढ़ रहे हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ेगी। विज्ञापन से होने वाली आय भी भविष्य में मार्जिन सुधारने में मदद करेगी। लेकिन, ब्रोकरेज का मानना है कि शेयर की मौजूदा कीमत में यह सारी पॉजिटिव खबरें पहले ही शामिल (Priced-in) हो चुकी हैं, इसलिए अभी इसमें बहुत ज्यादा उछाल की गुंजाइश कम दिखती है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 तक ही कंपनी का फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव हो पाएगा।
मीशो के शेयर का अब तक का सफर: IPO से अब तक
मीशो के शेयरों की कहानी काफी दिलचस्प रही है। कंपनी का ₹5421 करोड़ का आईपीओ (IPO) दिसंबर 2025 में आया था, जिसमें निवेशकों को ₹111 के भाव पर शेयर मिले थे। 10 दिसंबर 2025 को बाजार में इसकी लिस्टिंग करीब 46% के प्रीमियम पर हुई थी। लिस्टिंग के महज दो दिनों के भीतर, यानी 12 दिसंबर 2025 को, यह शेयर ₹254.65 के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था।
तब से लेकर अब तक शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। वर्तमान में यह अपने हाई लेवल से थोड़ा नीचे जरूर है, लेकिन अपने इश्यू प्राइस से अब भी करीब 80% ऊपर ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मीशो के नतीजे स्पष्ट रूप से संकेत दे रहे हैं कि कंपनी ग्रोथ के ट्रैक पर है। रेवेन्यू में 47% की बढ़त किसी भी ई-कॉमर्स कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, निवेशकों को ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और कंपनी की 'प्रॉफिटेबिलिटी' की क्षमता पर भरोसा करते हैं, तो वित्त वर्ष 2027 तक का इंतजार फलदायी हो सकता है। लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को मौजूदा स्तरों पर सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि शेयर अपने फेयर वैल्यू से ऊपर ट्रेड कर रहा हो सकता है।
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