Kejriwal Seeks Judge’s Recusal : क्यूं उठे जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर सवाल, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

Kejriwal Seeks Judge’s Recusal: लिकर पॉलिसी केस(Liquor Policy Case)की सुनवाई के दौरान दिल्ली के पूर्वमुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालने दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा(Justice Swarana Kanta Sharma) को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। केजरीवालने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा आरोप लगाते हुए कहाकि वे आरएसएस से जुड़े वकीलों के संगठन अधिवक्ता परिषद(Adhivakta Parishad) के कार्यक्रमों में चार बार हिस्सा ले चुकी हे . इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें इस मामले में निष्पक्ष न्याय मिल पाएगा या नहीं।

Kejriwal Seeks Judge’s Recusal
Kejriwal Seeks Judge’s Recusal

कोर्टमें अपनी दलील रखते हुए केजरीवालने कहाकि सक्रिय लोकतंत्रमें सिर्फ न्याय ही नहीं, बल्कि न्याय की धारणा भी बेहद अहम होती है। उन्होंने अपनी बात आगे रखते हुए कहाकी अगर कोई न्यायाधीश किसी खास विचारधारा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो विपक्षी विचारधारा रखने वाले आरोपी के मन में स्वाभाविक रूप से आशंका पैदा हो सकती है। उन्होंने सीबीआई और ईडी की जांच को भी राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट की बेंच ने सवाल किया कि जिन कार्यक्रमों का आप जिक्र कर रहे है, उन कार्यक्रम की कोई वीडियो लिंक या पुख्ता सबूत है? कोर्ट की बेंच ने यह भी पूछा की क्या जज ने उन कार्यक्रमों में कोई राजनीतिक बयान दिया था, या फिर वे सिर्फ संवैधानिक कार्यक्रम था? इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि जज की मौजूदगी मात्र से ही उनके मन में संदेह पैदा होता है।

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जज की तारीफ और केजरीवाल का हाजिरजवाबी अंदाज

बहस के आखिर में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने केजरीवाल की दलील देने के तरीके की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपने बहुत अच्छी दलील दी, आप चाहें तो वकील भी बन सकते हैं। इस पर अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि धन्यवाद मैडम, लेकिन मैं अभी जो कर रहा हूं, उससे खुश हूं।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा(Justice Swarana Kanta Sharma)ने यह भी कहा कि जीवन में पहली बार किसी ने उन्हें किसी केस से अलग होने की दलील दी है, और उन्हें भी कुछ नया सीखने को मिला। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

केजरीवाल पर क्या हे केश ?

इस बीच, यह भी सामने आया कि ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को क्लीनचिट दी थी, जिसके खिलाफ सीबीआई ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।

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