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| Mutual Fund SIP Update | AI Image |
Mutual Fund SIP Update: अगर आप भी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करते हैं या SIP के जरिए धीरे-धीरे पैसा बढ़ा रहे हैं, तो आपके लिए यह एक अहम अपडेट है। फरवरी महीने में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए आने वाले निवेश में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन इसके पीछे निवेशकों की घबराहट नहीं बल्कि फरवरी के कम दिन जिम्मेदार हैं।
दरअसल, फरवरी छोटा महीना होने के कारण कामकाजी दिनों की संख्या कम रहती है, जिससे निवेश के आंकड़ों पर थोड़ा असर दिखना स्वाभाविक है। अच्छी बात यह है कि नए निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जो बताता है कि लोगों का भरोसा अभी भी म्यूचुअल फंड पर कायम है।
फरवरी में SIP इनफ्लो में आई मामूली गिरावट
Association of Mutual Funds in India के ताजा आंकड़ों के मुताबिक,, जनवरी 2026: SIP के जरिए लगभग 31,002 करोड़ रुपये का निवेश आया था। फरवरी 2026: यह आंकड़ा थोड़ा घटकर 29,845 करोड़ रुपये रह गया। AMFI के मुताबिक यह गिरावट निवेशकों के भरोसे में कमी के कारण नहीं है, बल्कि सिर्फ फरवरी में कम वर्किंग डे होने की वजह से हुई है।
नए SIP खातों की संख्या तेजी से बढ़ी
फरवरी के आंकड़े बताते हैं कि नए निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।
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फरवरी में कुल 65.72 लाख नए SIP रजिस्ट्रेशन हुए
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वहीं 49.70 लाख खाते बंद हुए या उनकी अवधि पूरी हुई
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यानी करीब 16 लाख नए खाते नेट रूप से जुड़े
इसके बाद देश में कुल SIP खातों की संख्या बढ़कर 10.45 करोड़ हो गई, जबकि जनवरी में यह 10.29 करोड़ थी। यह आंकड़े दिखाते हैं कि हर महीने लाखों नए निवेशक SIP के जरिए निवेश की शुरुआत कर रहे हैं।
SIP AUM और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का आकार
AMFI के डेटा के अनुसार: सिर्फ SIP का AUM: लगभग 16.64 लाख करोड़ रुपये, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल AUM: लगभग 82.03 लाख करोड़ रुपये. यह रिकॉर्ड स्तर भारतीय निवेशकों के बढ़ते भरोसे और लंबी अवधि के निवेश की सोच को दिखाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
फरवरी के आंकड़े यह साफ बताते हैं कि छोटी अवधि में थोड़ी बहुत गिरावट सामान्य है। लेकिन लंबी अवधि में SIP अभी भी वेल्थ बनाने का सबसे लोकप्रिय तरीका बना हुआ है।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद नियमित निवेश करने वाले निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छा फायदा मिल सकता है।
फरवरी में SIP इनफ्लो में मामूली गिरावट जरूर आई है, लेकिन नए निवेशकों की बढ़ती संख्या यह साबित करती है कि भारत में म्यूचुअल फंड निवेश का ट्रेंड लगातार मजबूत हो रहा है।
