
Bajaj Housing Finance Stock Crash
नई दिल्ली, 25 मार्च: शेयर बाजार में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं जब कोई मजबूत कंपनी का शेयर अचानक बहुत नीचे आ जाता है। तब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है , क्या यह गिरावट घबराने की वजह है, या फिर कम दाम पर अच्छे शेयर को खरीदने का मौका? इन दिनों कुछ ऐसी ही स्थिति Bajaj Housing Finance (BHFL) के शेयर को लेकर बनी हुई है।
लिस्टिंग के बाद जिस शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था, वही अब अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 57% नीचे कारोबार कर रहा है। ऐसे में जिन लोगों ने IPO में पैसा लगाया था, वे अभी भी थोड़े मुनाफे में हैं, लेकिन जिन्होंने ऊंचे स्तरों पर खरीदारी की थी, वे नुकसान झेल रहे हैं। अब निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या यह शेयर फिर से संभलेगा?
IPO का सुपरस्टार, फिर इतनी तेज गिरावट क्यों?
Bajaj Housing Finance का IPO सितंबर 2025 में ₹70 प्रति शेयर के भाव पर आया था और कंपनी ने बाजार से ₹6,560 करोड़ जुटाए थे। लिस्टिंग के बाद इस शेयर ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी और ₹181 के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गया।
यही वो समय था जब बाजार में इसके बारे में खूब उत्साह था। लेकिन किसी भी शेयर में जब तेजी बहुत जल्दी और बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो वैल्यूएशन का खतरा बढ़ जाता है। दूसरे शब्दों में, शेयर अपनी असली कमाई और बिजनेस ग्रोथ के मुकाबले महंगा लगने लगता है। इसी वजह से बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की और शेयर में गिरावट का दौर आ गया।
क्या कंपनी के बिजनेस में भी कमजोरी आई है?
शेयर की कीमत जरूर गिरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कंपनी का बिजनेस कमजोर हो गया है। कंपनी का AUM (Assets Under Management) तेजी से बढ़ा है। FY2020 से FY2026 की तीसरी तिमाही तक इसकी AUM ग्रोथ करीब 28% CAGR रही है। दिसंबर 2025 तक कंपनी का AUM ₹1.33 ट्रिलियन के स्तर को पार कर चुका था। इसके साथ ही यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी बन गई है।
कंपनी की ताकत क्या है?
Bajaj Housing Finance सिर्फ एक तरह के लोन पर निर्भर नहीं है। इसका पोर्टफोलियो काफी विविध है। कंपनी होम लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP), लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (LRD) और डेवलपर फाइनेंसिंग जैसे कई प्रोडक्ट देती है। इससे जोखिम काफी हद तक फैल जाता है।
कंपनी ने Sambhav प्लेटफॉर्म के जरिए अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में भी कदम रखा है। इसका फोकस छोटे शहरों और मिड-इनकम ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने पर है। देश के 178 शहरों में 221 ब्रांच के साथ कंपनी का नेटवर्क भी मजबूत है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में बड़ा सुधार
किसी भी फाइनेंस कंपनी के लिए सिर्फ लोन देना ही काफी नहीं होता, बल्कि खर्च पर नियंत्रण रखना भी बहुत जरूरी होता है। इस मामले में Bajaj Housing Finance ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो FY2022 में लगभग 29% था, जो FY2026 की तीसरी तिमाही तक घटकर 19% रह गया। इसका मतलब है कि कंपनी अब कम खर्च में बेहतर काम कर रही है। यह मुनाफे के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है।
आगे कैसी रह सकती है ग्रोथ?
कंपनी की ग्रोथ कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक:
- FY2026 से FY2028 के बीच AUM करीब 22% CAGR से बढ़ सकता है
- इसी दौरान मुनाफा करीब 20% CAGR से बढ़ने का अनुमान है
कंपनी का फोकस अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले प्राइम कस्टमर सेगमेंट पर है, जिससे रिस्क तुलनात्मक रूप से कम रहता है।
सबसे बड़ी चिंता: वैल्यूएशन
हालांकि कंपनी की ग्रोथ स्टोरी मजबूत है, लेकिन एक चिंता अभी भी बनी हुई है, वैल्यूएशन। JM Financial के अनुसार, शेयर अभी भी FY2028 के अनुमानित बुक वैल्यू प्रति शेयर (BVPS) के मुकाबले 2.3 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो महंगा माना जा सकता है। तुलना करें तो बाकी प्राइम हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां आमतौर पर 0.5 से 0.9 गुना वैल्यूएशन पर मिलती हैं, जबकि अफोर्डेबल हाउसिंग कंपनियां 1.3 से 1.9 गुना पर ट्रेड करती हैं। इसका मतलब है कि शॉर्ट टर्म में शेयर में बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित हो सकती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडर हैं और जल्दी मुनाफा चाहते हैं, तो यह स्टॉक अभी थोड़ा महंगा लग सकता है। लेकिन अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी में गिरावट पर मौका तलाश रहे हैं, तो यह शेयर दिलचस्प हो सकता है।
कंपनी की ग्रोथ मजबूत है, ब्रांड भरोसेमंद है और मैनेजमेंट की पकड़ भी अच्छी मानी जाती है। अभी की गिरावट ने इसे थोड़ा आकर्षक जरूर बनाया है, लेकिन किसी भी निवेश से पहले अपने जोखिम और निवेश अवधि को जरूर समझें।
Bajaj Housing Finance का शेयर जरूर गिरा है, लेकिन कंपनी की बिजनेस कहानी अभी भी मजबूत नजर आती है। JM Financial की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्टॉक पूरी तरह से नकारात्मक नहीं है, बल्कि इसमें धीरे-धीरे निवेश करने की गुंजाइश दिखाई देती है।
अगर कंपनी आने वाले समय में अपनी ग्रोथ रफ्तार बनाए रखती है, तो यह शेयर लंबी अवधि में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है। हालांकि, मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए जल्दबाजी में कदम उठाने की बजाय सोच-समझकर निवेश करना ज्यादा बेहतर रहेगा।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी भी तरह से निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।