Gold Price Today : 27 मार्च 2026 को सोने की कीमत में फिर गिरावट आई। दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड 144690 रुपये और चांदी 249900 रुपये प्रति किलो। जानें अपने शहर का ताजा भाव।
अहमदाबाद, 27 मार्चः अगर आप सोना खरीदने का इरादा रखते हैं या निवेश के लिए नजर बनाए हुए हैं, तो आज की खबर आपके काम की है। 27 मार्च 2026 को एक बार फिर सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली है। यही नहीं, दूसरी कीमती धातु चांदी भी नरम पड़ी है। बाजार में जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उन्हें देखते हुए जानकारों का कहना है कि फिलहाल इन धातुओं में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
- आइए पूरी तस्वीर समझते हैं।
दिल्ली में आज सोने का भाव
राजधानी दिल्ली में आज सुबह 24 कैरेट सोने की कीमत 144690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव 132640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
जो लोग शादी-ब्याह या त्योहार के लिए गहने खरीदने की सोच रहे थे, उनके लिए यह थोड़ी राहत की बात हो सकती है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में भाव नीचे आए हैं।
मुंबई, चेन्नई, कोलकाता में गोल्ड रेट
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 144540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड का रेट इन तीनों शहरों में 132490 रुपये प्रति 10 ग्राम बना हुआ है।
दिल्ली की तुलना में इन शहरों में सोना थोड़ा सस्ता है, जिसकी वजह स्थानीय टैक्स और लेवी में अंतर है।
पुणे और बेंगलुरु में क्या है भाव?
पुणे और बेंगलुरु में भी आज सोने की कीमत मुंबई जितनी ही है। यहां 24 कैरेट गोल्ड 144540 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड 132490 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है।
📊 आज का गोल्ड रेट (शहर अनुसार)
| शहर | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|
| अहमदाबाद | ₹1,32,540 | ₹1,44,590 |
| दिल्ली | ₹1,32,640 | ₹1,44,690 |
| मुंबई | ₹1,32,490 | ₹1,44,540 |
| चेन्नई | ₹1,32,490 | ₹1,44,540 |
| जयपुर | ₹1,32,640 | ₹1,44,690 |
| लखनऊ | ₹1,32,640 | ₹1,44,690 |
| कोलकाता | ₹1,32,490 | ₹1,44,540 |
| हैदराबाद | ₹1,32,490 | ₹1,44,540 |
| भोपाल | ₹1,32,540 | ₹1,44,590 |
| चंडीगढ़ | ₹1,32,640 | ₹1,44,690 |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाल
वैश्विक बाजार में आज हाजिर सोने (Spot Gold) का भाव 4,384.38 डॉलर प्रति औंस पर है। यह कीमत कुछ हफ्ते पहले के मुकाबले काफी कम है।
दरअसल, 28 फरवरी 2026 से इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग की शुरुआत हुई थी। उस वक्त यह उम्मीद थी कि युद्ध की स्थिति में सोने जैसी सुरक्षित धातुओं की मांग बढ़ेगी और कीमतें चढ़ेंगी। लेकिन हुआ उल्टा तब से अब तक सोना 17 प्रतिशत नीचे आ चुका है।
यह बाजार की उस पुरानी धारणा को चुनौती देता है जिसमें कहा जाता था कि युद्ध या अनिश्चितता के दौर में सोना हमेशा चमकता है।
फेड की नीति का असर: ब्याज दरें और सोना
सोने की कीमत पर दबाव बनाने में एक और बड़ा कारण है अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व की नीति।
कुछ महीने पहले तक बाजार को उम्मीद थी कि फेड इस साल कम से कम 2 बार ब्याज दरें घटाएगा। लेकिन अब बाजार की राय बदल चुकी है। ज्यादातर जानकारों का मानना है कि इस साल दरों में कोई कटौती नहीं होगी।
ऊंची ब्याज दरों का सीधा असर यह होता है:
- जब बैंक और बॉन्ड ज्यादा रिटर्न देते हैं, तो निवेशक वहां पैसा लगाना पसंद करते हैं।
- सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए उसमें निवेश का आकर्षण घट जाता है।
- इससे सोने की मांग कम होती है और कीमत पर दबाव बनता है।
- यही कारण है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद सोना लगातार कमजोर बना हुआ है।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का कहना है कि जब तक दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंता बनी रहेगी, तब तक सोने में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। यानी बाजार में एकदम से स्थिरता की उम्मीद नहीं है।
वहीं PACE 360 के को-फाउंडर और चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल ने एक चौंकाने वाली बात कही है। उनका मानना है कि सोना और चांदी अब पारंपरिक "सेफ हेवन" (Safe Haven) नहीं रहे। यानी इन्हें अब वह सुरक्षित निवेश नहीं माना जा सकता जो कभी हुआ करता था।
गोयल के मुताबिक, दोनों धातुएं अब धीरे-धीरे रिस्क एसेट की तरह व्यवहार करने लगी हैं जैसे शेयर बाजार में होता है। इससे भविष्य में इनमें बबल (Bubble) बनने और फिर तेज गिरावट आने का खतरा भी बढ़ गया है। यह निवेशकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
चांदी का क्या हाल है?
सोने के साथ-साथ चांदी भी आज नरम है। 27 मार्च 2026 की सुबह चांदी की कीमत 249900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव 67.71 डॉलर प्रति औंस चल रहा है।
यह गिरावट इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इसी साल जनवरी 2026 में चांदी की घरेलू कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार चली गई थी। यानी जनवरी से अब तक चांदी करीब डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। जो लोग जनवरी में चांदी खरीद बैठे थे, उन्हें अभी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्या यह खरीदारी का सही मौका है?
यह सवाल हर निवेशक के मन में आता है। कुछ बातें ध्यान में रखें:
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए - गिरते भाव SIP की तरह धीरे-धीरे खरीदारी का मौका दे सकते हैं।
शादी-गहनों की जरूरत हो तो - अभी का भाव पिछले महीने की तुलना में कम है, इसलिए फायदेमंद हो सकता है।
ट्रेडर्स के लिए - एक्सपर्ट्स सावधानी की सलाह दे रहे हैं। रिस्क बना हुआ है।
चांदी में निवेश - जनवरी के मुकाबले काफी सस्ती है, लेकिन उतार-चढ़ाव जारी है।
हमेशा किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेकर ही बड़ा निवेश करें।
27 मार्च 2026 को सोना और चांदी दोनों कमजोर हैं। फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, मिडिल ईस्ट की जंग और बदलते निवेश रुझान - ये तीनों मिलकर इन धातुओं पर दबाव बना रहे हैं। जानकार कह रहे हैं कि यह उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है। ऐसे में समझदारी इसी में है कि बिना जल्दबाजी के, सोच-समझकर कदम उठाया जाए।
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