Share Market Weekly Report : 13 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार 1% से ज्यादा टूटा। AI के डर से IT स्टॉक्स में 8% की भारी बिकवाली हुई। जानें सेंसेक्स, निफ्टी, FIIs-DIIs का पूरा एक्शन और कौन से शेयर बने टॉप गेनर-लूजर।
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Sensex Nifty fall:
13 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में सेंसेक्स 953 अंक और निफ्टी 222 अंक लुढ़का।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं से IT सेक्टर में 8% की भारी गिरावट।
विदेशी निवेशकों (FIIs) ने की 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली।
घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 6,800 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
स्मॉलकैप इंडेक्स में तेजी, लेकिन मिडकैप और लार्जकैप में गिरावट का माहौल।
Stock Market This Week: भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता कुछ खास अच्छा नहीं रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों और एक नए 'डर' के कारण बाजार ने अपनी पिछली बढ़त खो दी और लाल निशान में बंद हुआ। यह डर है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का, जिसके असर को लेकर निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। इसी घबराहट के चलते टेक्नोलॉजी और IT शेयरों में ऐसी बिकवाली हुई कि पूरा बाजार ही हिल गया।
13 फरवरी, 2026 को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 953.64 अंक यानी 1.14% की बड़ी गिरावट के साथ 82,626.76 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 222.6 अंक यानी 0.86% फिसलकर 25,471.10 पर आ गया। बाजार की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा हाथ IT सेक्टर का रहा, जहां निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
IT सेक्टर में क्यों मची खलबली? AI का डर पड़ा भारी
इस हफ्ते बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह IT शेयरों में आई सुनामी रही। निफ्टी IT इंडेक्स 8% से भी ज्यादा टूट गया, जो किसी भी सेक्टर के लिए एक बड़ी गिरावट है। देश की सबसे बड़ी IT कंपनियों जैसे Infosys, HCL Technologies, Tata Consultancy Services (TCS), LTIMindtree, और Wipro के शेयर टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बिकवाली के पीछे AI को लेकर बढ़ता डर है। निवेशकों को चिंता है कि AI टेक्नोलॉजी के तेजी से विकास से IT कंपनियों के मौजूदा बिजनेस मॉडल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्हें लगता है कि ऑटोमेशन और AI के कारण कंपनियों के मार्जिन घट सकते हैं और ग्रोथ धीमी पड़ सकती है। इसी अनिश्चितता के माहौल मेंนักลงทุน ने IT शेयरों से दूरी बनाना ही बेहतर समझा। टीसीएस और इंफोसिस के मार्केट कैपिटलाइजेशन में इस हफ्ते सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जो इस सेक्टर के दबाव को साफ दिखाता है।
स्मॉलकैप में तेजी, पर मिडकैप और लार्जकैप पस्त
बाजार का हाल इस हफ्ते मिला-जुला रहा, जहां बड़े और मझोले शेयर दबाव में थे, वहीं छोटे शेयरों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया।
स्मॉलकैप इंडेक्स: BSE स्मॉलकैप इंडेक्स ने बाजार की चाल के विपरीत 0.8% की बढ़त दर्ज की। कुछ शेयरों ने तो कमाल ही कर दिया। JITF Infralogistics, GE Power India, Lincoln Pharmaceuticals, और Avanti Feeds जैसे शेयरों में 25% से लेकर 46% तक का तूफानी उछाल देखा गया। हालांकि, SpiceJet, Safari Industries, और Reliance Infrastructure जैसे शेयरों में 13% से 23% की गिरावट भी आई।
मिडकैप इंडेक्स: निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की मामूली गिरावट रही। यहां Coforge, KPIT Technologies, और LT Technology Services जैसे शेयर टॉप लूजर रहे। दूसरी ओर, Linde India, Bharat Forge, और Kalyan Jewellers India जैसे शेयरों ने निवेशकों को अच्छा मुनाफा कमाकर दिया।
लार्जकैप इंडेक्स: BSE लार्जकैप इंडेक्स 0.6% गिरकर बंद हुआ। जैसा कि पहले बताया गया, IT और कुछ अन्य बड़े शेयर जैसे Adani Power, REC, और Coal India टॉप लूजर्स में शामिल थे। वहीं, State Bank of India, Eicher Motors, Tata Motors, और Shriram Finance जैसे शेयरों ने बाजार को संभालने की पूरी कोशिश की और टॉप गेनर बने।
सेक्टर का परफॉर्मेंस: कहीं खुशी, कहीं गम
इस हफ्ते अलग-अलग सेक्टर्स का प्रदर्शन भी काफी अलग रहा।
गिरने वाले सेक्टर्स: निफ्टी IT इंडेक्स (-8%), निफ्टी एनर्जी (-2%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2%), और निफ्टी FMCG (-2%) में बड़ी गिरावट देखी गई।
बढ़ने वाले सेक्टर्स: दूसरी तरफ, निफ्टी मीडिया इंडेक्स ने 5% की शानदार छलांग लगाई। इसके अलावा निफ्टी PSU बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, और डिफेंस इंडेक्स में लगभग 3% की मजबूती आई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स भी लगभग 2% चढ़ा, जो ऑटोमोबाइल सेक्टर में अच्छी मांग का संकेत है। निफ्टी फार्मा में भी करीब 1% की बढ़त दर्ज की गई।
FIIs ने बेचे शेयर, DIIs बने संकटमोचक
बाजार के सेंटिमेंट को समझने के लिए विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs): हफ्ते के शुरुआती चार दिनों तक खरीदारी करने के बाद, शुक्रवार को FIIs ने भारी बिकवाली की। कुल मिलाकर, इस हफ्ते FIIs ने भारतीय बाजार से 4,019.09 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की। उनकी बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs): इसके ठीक उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार पर अपना भरोसा बनाए रखा। DIIs ने इस हफ्ते कुल 6,883.81 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। उनके इस सपोर्ट की वजह से बाजार एक बड़ी गिरावट से बच गया।
रुपये में मामूली मजबूती
शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले अपनी पकड़ मजबूत की। यह लगातार दूसरा हफ्ता था जब रुपये में बढ़त देखने को मिली। 13 फरवरी को रुपया डॉलर के मुकाबले 90.64 पर बंद हुआ, जबकि पिछले हफ्ते यह 90.66 पर था।
कुल मिलाकर, बीता सप्ताह भारतीय बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक तरफ AI के डर से IT सेक्टर में भारी बिकवाली ने बाजार को नीचे खींच लिया, तो दूसरी तरफ घरेलू निवेशकों की खरीदारी और कुछ सेक्टर्स (जैसे मीडिया, PSU बैंक, ऑटो) के अच्छे प्रदर्शन ने बाजार को बड़ा सहारा दिया। आने वाले हफ्तों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और IT सेक्टर पर बनी रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
