Srinibas Pradhan Constructions IPO: श्रीनिबास प्रधान कंस्ट्रक्शंस IPO की लिस्टिंग ने निवेशकों को निराश किया। 98 रुपये का शेयर NSE SME पर सिर्फ 2% प्रीमियम के साथ 100.05 रुपये पर लिस्ट हुआ। जानें पूरी डिटेल्स।
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी श्रीनिबास प्रधान कंस्ट्रक्शंस की आज यानी 13 मार्च को शेयर बाजार में लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। निवेशकों को बंपर मुनाफे की आशा थी, लेकिन शेयर ने बेहद सुस्त शुरुआत की। कंपनी का शेयर अपने IPO प्राइस 98 रुपये के मुकाबले NSE SME प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 2% के मामूली प्रीमियम के साथ 100.05 रुपये पर लिस्ट हुआ।
IPO को मिला था ठंडा रिस्पॉन्स
कंपनी का 20.32 करोड़ रुपये का IPO 6 मार्च को खुला था और 10 मार्च को बंद हुआ था। इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों की तरफ से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला और यह कुल मिलाकर केवल 1.13 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था।
रिटेल निवेशकों ने बनाई दूरी: सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा नहीं भर पाया और केवल 0.69 गुना सब्सक्राइब हुआ।
अन्य निवेशकों का प्रदर्शन: वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 1.13 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का कोटा 1.57 गुना भरा था।
IPO के तहत 16.79 करोड़ रुपये के 17 लाख नए शेयर जारी किए गए, जबकि 3.53 करोड़ रुपये के 4 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे गए।
कंपनी के बारे में जानिए
साल 2020 में बनी श्रीनिबास प्रधान कंस्ट्रक्शंस एक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी है। इसके प्रमोटर रमाकांत प्रधान और श्रीनिबास प्रधान हैं। कंपनी मुख्य रूप से सड़क, हाईवे, पुल और बिजली एवं माइनिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।
कैसा है कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन?
आय (Income): अप्रैल-सितंबर 2025 की छमाही में कंपनी की कुल आय 45.63 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025 में यह 89.73 करोड़ रुपये रही थी।
मुनाफा (Profit): इस दौरान कंपनी ने 4.11 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 6.59 करोड़ रुपये था।
कर्ज (Debt): सितंबर 2025 तक कंपनी पर 17.17 करोड़ रुपये की उधारी थी।
कंपनी IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, कर्ज चुकाने और दूसरे कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी।
श्रीनिबास प्रधान कंस्ट्रक्शंस की कमजोर लिस्टिंग यह दर्शाती है कि निवेशक इस IPO को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थे, खासकर रिटेल निवेशकों का ठंडा रिस्पॉन्स इसका बड़ा संकेत था। अब देखना यह होगा कि कंपनी अपने प्रोजेक्ट्स को कैसे पूरा करती है और भविष्य में निवेशकों का भरोसा जीत पाती है या नहीं।
