Operation Sindoor के बाद भारत की एयर डिफेंस और मजबूत, सेना खरीदेगी 30 नए लो-लेवल रडार

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भारत की हवाई सुरक्षा को लेकर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। Operation Sindoor के बाद सामने आए ड्रोन और मिसाइल खतरों को देखते हुए भारतीय सेना अब अपने Air Defence System को और ज्यादा मजबूत करने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने 725 करोड़ रुपये की लागत से 30 अत्याधुनिक लो-लेवल रडार खरीदने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह रडार पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान और समुद्री सीमाओं तक दुश्मन के हर हवाई खतरे पर पैनी नजर रखेंगे।



Operation Sindoor के बाद भारत की एयर डिफेंस होगी और अभेद्य

भारत की सीमाओं पर दुश्मन देशों के ड्रोन और मिसाइल खतरों को पूरी तरह नाकाम करने के लिए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। Operation Sindoor के दौरान सामने आई तकनीकी कमियों से सीख लेते हुए अब भारतीय सेना एयर डिफेंस सिस्टम को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।


30 नए लो-लेवल रडार खरीदने की प्रक्रिया तेज

भारतीय सेना ने देश की हवाई सुरक्षा (Air Defense System) को अभेद्य बनाने के लिए 30 लो-लेवल लाइटवेट रडार खरीदने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने 725 करोड़ रुपये की लागत से Fast Track Procurement (FTP) Route के तहत RFP (Request for Proposal) जारी कर दी है। FTP रूट के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ये रडार जल्द से जल्द सेना को उपलब्ध हो सकें।


पहाड़, रेगिस्तान और समुद्री इलाकों में होगी तैनाती

इन अत्याधुनिक रडार सिस्टम को देश के विभिन्न ऑपरेशनल थियेटर्स में तैनात किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

  • 🏔️ हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र

  • 🏜️ कच्छ और थार का रेगिस्तान

  • 🌾 मैदानी इलाके

  • 🌊 समुद्री और तटीय क्षेत्र

इससे ऊंचाई वाले इलाकों में भी हवाई निगरानी (Aerial Surveillance) आसान और अधिक सटीक हो जाएगी।


ड्रोन, मिसाइल और फाइटर जेट की सटीक पहचान

नई रडार तकनीक की मदद से भारतीय सेना:

  • दुश्मन के छोटे ड्रोन

  • फाइटर एयरक्राफ्ट

  • क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल

जैसे हवाई खतरों की तेज़ और सटीक पहचान कर सकेगी।
खासकर पर्वतीय और जटिल भूगोल वाले इलाकों में यह तकनीक गेम-चेंजर साबित होगी।


सीमा सुरक्षा को मिलेगा बड़ा बल

इन लो-लेवल रडार की तैनाती से:

  • सीमा पर घुसपैठ रोकने

  • एयर स्ट्राइक और ड्रोन अटैक को समय रहते नाकाम करने

  • देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने

में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।


भारत का आकाश अब और सुरक्षित

चाहे हिमालय की ऊंची चोटियां हों या कच्छ का रेगिस्तान, भारत की एयर डिफेंस शील्ड अब इतनी मजबूत होने जा रही है कि दुश्मन का कोई भी ड्रोन, मिसाइल या विमान भारतीय सीमा में घुसने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला भारत की रणनीतिक सैन्य शक्ति को नई ऊंचाई देगा।

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