Share Market Crash: Sensex 1200 अंक टूटा, Nifty 365 अंक गिरा | Black Thursday 19 Feb 2026

newsasmita
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Share Market Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार, 19 February 2026 का दिन किसी 'ब्लैक थर्सडे' से कम नहीं रहा। पिछले तीन दिनों से बाजार में जो हरियाली छाई हुई थी, वह आज एक ही झटके में लाल रंग में बदल गई। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन दलाल स्ट्रीट पर ऐसी बिकवाली हावी हुई कि निवेशकों के चेहरे उतर गए।


Share Market Crash


एशियाई बाजारों में सुबह तेजी थी, जिसे देखकर लग रहा था कि भारतीय बाजार भी आज नया रिकॉर्ड बनाएंगे। लेकिन, हुआ इसके ठीक उलट। बाजार खुलते ही थोड़ी देर में धड़ाम हो गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1200 से ज्यादा अंकों का गोता लगाकर बंद हुआ, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तरों को तोड़ते हुए नीचे आ गिरा।


इस भारी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव और मुनाफावसूली बताया जा रहा है। आइये विस्तार से समझते हैं कि आज बाजार में क्या हुआ और क्यों निवेशकों ने घबराहट में अपने शेयर बेच दिए।


बाजार का हाल: भारी गिरावट के साथ क्लोजिंग

गुरुवार को बाजार की चाल बेहद डराने वाली रही। आंकड़ों पर नजर डालें तो:

BSE Sensex: सेंसेक्स सुबह मजबूती के साथ 83,979 के स्तर पर खुला था। लेकिन यह तेजी बस कुछ ही मिनटों की मेहमान थी। दिन ढलते-ढलते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि सेंसेक्स 1236.11 अंक यानी करीब 1.48 प्रतिशत टूटकर 82,498.14 के स्तर पर बंद हुआ। यह पिछले दो सप्ताह में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है।

NSE Nifty: निफ्टी-50 का हाल भी कुछ अलग नहीं था। यह इंडेक्स 25,873 पर हरे निशान में खुला, लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया। अंत में 365 अंक (1.41 प्रतिशत) की भारी गिरावट के साथ यह 25,454.35 पर सिमट गया।


गिरावट की मुख्य वजह: युद्ध का डर और तेल की कीमतें

बाजार में आज जो कोहराम मचा, उसके पीछे कोई एक वजह नहीं थी, बल्कि कई निगेटिव खबरों ने एक साथ हमला बोला।


अमेरिका-ईरान तनाव : जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ग्लोबल मार्केट का मूड खराब हो गया है। निवेशकों को डर है कि अगर स्थिति बिगड़ी तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

कच्चे तेल में उबाल: मिडिल ईस्ट में तनाव का मतलब है कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आग लगना। ब्रेंट क्रूड की कीमतें इस साल के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, ऐसे में महंगा तेल भारत के व्यापार घाटे और महंगाई को बढ़ा सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का डर: बाजार में इस बात की चर्चा तेज है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में रुकावट आ सकती है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। अगर यहां दिक्कत हुई तो सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित होगी।


तकनीकी नजरिया: क्यों टूटा भरोसे का स्तर?

बाजार केवल खबरों से नहीं, बल्कि चार्ट्स और तकनीकी स्तरों से भी चलता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने आज के बाजार का तकनीकी विश्लेषण करते हुए बताया कि निफ्टी ने आज अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया।


पोनमुडी ने कहा, "निफ्टी 50 का कारोबार आज पूरी तरह सुस्त और नेगेटिव रहा। कल की तेजी हवा हो गई। तकनीकी रूप से देखें तो इंडेक्स 25,645 से 25,660 के बीच एक छोटे समय के सपोर्ट पर टिका था, जो इसका 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) भी था। जैसे ही यह स्तर टूटा, बाजार में भगदड़ मच गई और निफ्टी गिरकर 25,350–25,400 की रेंज की तरफ चला गया। इसका मतलब साफ है कि बाजार में खरीदारों की हिम्मत जवाब दे गई और बेचने वाले हावी हो गए।"


प्रॉफिट बुकिंग और बड़े शेयरों की पिटाई

पिछले तीन दिनों से बाजार लगातार चढ़ रहा था। ऐसे में जिन लोगों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीदे थे, उन्होंने आज मुनाफा काटना  सही समझा। इसके अलावा, इंडेक्स को सबसे ज्यादा चोट 'हैवीवेट' शेयरों ने पहुंचाई।


रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) जैसे दिग्गज शेयरों में आज जमकर बिकवाली हुई। चूंकि सेंसेक्स और निफ्टी में इनका वजन (Weightage) बहुत ज्यादा है, इसलिए इनके गिरने से पूरा बाजार नीचे आ गया।


सेक्टर अपडेट: हर तरफ मंदी की मार

आज शायद ही कोई ऐसा सेक्टर था जो हरे निशान में मजबूती से खड़ा हो। बिकवाली का दबाव चौतरफा था:


टॉप लूजर्स (Top Losers) 

सेंसेक्स के 30 के 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए। इंडिगो (Indigo), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और बीईएल (BEL) के शेयरों में 3.2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स: निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा टूट-फूट हुई। ये सभी इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत गिर गए। इसके बाद एफएमसीजी (FMCG) और बैंकिंग शेयरों (प्राइवेट और पीएसयू) का नंबर आया, जो 1 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गए।

मिडकैप और स्मॉलकैप: केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि छोटी और मंझोली कंपनियों के शेयरों की भी जमकर धुनाई हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.59 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.27 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।


FII और FPI का खेल: आईटी शेयरों में भारी बिकवाली

विदेशी निवेशकों (FIIs/FPIs) का रुख भी बाजार को नीचे ले जाने में अहम रहा। आंकड़े बताते हैं कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने February के पहले पखवाड़े में आईटी सेक्टर (IT Sector) से अपना पैसा तेजी से निकाला है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफपीआई ने आईटी शेयरों में करीब 10,956 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। हालांकि, इसी दौरान भारतीय बाजार में कुल 29,709 करोड़ रुपये का निवेश आया, लेकिन आईटी सेक्टर में उनका भरोसा डगमगाता दिखा। इसके अलावा, एशिया के कई बाजारों में 'लूनर न्यू ईयर' (Lunar New Year) की छुट्टियां होने के कारण विदेशी निवेशकों की भागीदारी आज कम रही, जिससे बाजार को सपोर्ट नहीं मिल पाया।


ग्लोबल मार्केट: दुनिया में तेजी, भारत में मंदी

आज का दिन अजीब था क्योंकि ग्लोबल संकेत इतने बुरे नहीं थे जितना भारतीय बाजार ने रिएक्ट किया।

एशियाई बाजार: जापान का निक्केई (Nikkei 225) करीब 1 प्रतिशत चढ़ा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) तो 3 प्रतिशत चढ़कर नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। चीन और हांगकांग में छुट्टी थी।

अमेरिकी बाजार: बुधवार को अमेरिकी बाजार (Wall Street) भी हरे निशान में बंद हुए थे। एसएंडपी 500 में 0.56 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.78 प्रतिशत की तेजी थी।

इसके बावजूद, भारतीय बाजार में गिरावट यह बताती है कि घरेलू निवेशक भूराजनीतिक तनाव और महंगाई को लेकर ज्यादा चिंतित हैं। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed Reserve) द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर बनी अनिश्चितता और रुपये की कमजोरी ने भी आग में घी का काम किया।


निवेशकों के लिए सलाह

आज की गिरावट ने एक बात साफ कर दी है कि बाजार अभी बहुत ही संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। भूराजनीतिक खबरें (War News) पल भर में बाजार का रुख बदल सकती हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक निफ्टी दोबारा 25,600 के ऊपर मजबूती से टिक नहीं जाता, तब तक 'हर उछाल पर बिकवाली' (Sell on Rise) का दबाव बना रह सकता है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे एक साथ पैसा लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करें और स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करें।


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